Site icon VedicPrayers

Nirjala Ekadashi | निर्जला एकादशी व्रत के फायदे | मन, शरीर और आत्मा के लिए लाभ | PDF

Nirjala Ekadashi

Nirjala Ekadashi

निर्जला एकादशी, ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को मनाई जाने वाली एक महत्वपूर्ण हिंदू व्रत है। यह साल में दो बार आती है, लेकिन ज्येष्ठ मास वाली निर्जला एकादशी को अधिक महत्वपूर्ण माना जाता है। इस व्रत में, भक्त सूर्योदय से सूर्यास्त तक न केवल अन्न, बल्कि जल का भी त्याग करते हैं।

वर्ष 2026 में निर्जला एकादशी व्रत 25 जून 2026 (गुरुवार) को रखा जाएगा। यह ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी होती है और सभी एकादशियों में सबसे श्रेष्ठ मानी जाती है।

निर्जला एकादशी 2026 की तिथियां और शुभ मुहूर्त:

  • एकादशी तिथि का प्रारंभ: 24 जून 2026 (बुधवार) को शाम 06:12 बजे से
  • एकादशी तिथि का समापन: 25 जून 2026 (गुरुवार) को रात 08:09 बजे तक
  • व्रत पारण का समय: 26 जून 2026 (शुक्रवार) को सुबह 05:18 से 09:35 के बीच

इस महीने क्यों महत्वपूर्ण है?

इस दिन क्या करें:

इस दिन क्या न करें:

इस व्रत के लाभ:

अतिरिक्त जानकारी:

यह भी ध्यान रखें कि व्रत का मुख्य उद्देश्य आत्मिक शुद्धिकरण और आत्म-नियंत्रण प्राप्त करना है। केवल तभी व्रत का वास्तविक लाभ प्राप्त होता है।

Exit mobile version