Site icon VedicPrayers

Snan Daan Ki Purnima | महत्व, पूजा विधि, तिथि और मान्यता | PDF

Snan Daan Ki Purnima 2025

हिंदू धर्म में पूर्णिमा तिथि अत्यंत शुभ और पुण्यदायिनी मानी जाती है, विशेष कर मार्गशीर्ष पूर्णिमा का अत्यधिक महत्व है। इस दिन स्नान-दान करना बेहद फलदायी माना गया है। मान्यता है कि इस पवित्र तिथि पर तीर्थों में स्नान, गाय-दान, अन्न-दान, वस्त्र-दान और गरीबों को भोजन कराने से पापों का नाश होता है और सौभाग्य, धन-संपदा तथा मानसिक शांति प्राप्त होती है।

धार्मिक मान्यता:
भविष्य पुराण और स्कंद पुराण में उल्लेख है कि इस दिन किया गया दान अनंत गुना फल देकर मोक्ष की प्राप्ति कराता है।

पूजा-विधि

श्री दत्तात्रेय प्रकट्योत्सव : त्रिदेव अवतार का प्रागट्य दिवस

मार्गशीर्ष पूर्णिमा को भगवान श्री दत्तात्रेय का प्रकट्योत्सव मनाया जाता है। माना जाता है कि इस दिन ब्रह्मा, विष्णु और महेश के संयुक्त अवतार दत्तात्रेय ने पृथ्वी पर अवतार लिया था। दत्तात्रेय को ज्ञानयोग, भक्ति, वैराग्य, योग शक्ति और गुरु-तत्व का प्रतीक माना जाता है।

दत्तात्रेय पूजा-विधि

पूजन का महत्व

इस दिन दान के विशेष लाभ

दान लाभ
अन्न-दान परिवार में सुख-समृद्धि
वस्त्र-दान दरिद्रता का नाश
जल/गौ-दान रोग एवं कष्टों से मुक्ति
दीपदान घर में सकारात्मक ऊर्जा

 

इस स्नान दान पूर्णिमा एवं दत्तात्रेय प्रकट्योत्सव पर सभी भक्तों को हार्दिक शुभकामनाएँ।
भगवान दत्तात्रेय सबके जीवन में शांति, समृद्धि और ज्ञान का प्रकाश फैलाएँ।

Exit mobile version