
सोम प्रदोष व्रत भगवान शिव की उपासना के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। यह व्रत प्रदोष काल (शाम के समय) में किया जाता है, जब सूर्यास्त और रात्रि के बीच का समय होता है।
16 मार्च 2026 को सोम प्रदोष व्रत का पावन अवसर है। इस दिन भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना करने से व्यक्ति को सुख-शांति, धन-वैभव और संतान सुख की प्राप्ति होती है।
सोम प्रदोष व्रत का महत्व
- सोम प्रदोष व्रत का धार्मिक महत्व अत्यधिक है। इस व्रत को करने से सभी प्रकार के पाप समाप्त हो जाते हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है।
- यह व्रत दांपत्य जीवन को सुखमय बनाने के लिए विशेष रूप से लाभकारी माना जाता है।
- भगवान शिव की कृपा से व्रती के जीवन में समस्त कष्ट दूर होते हैं और सुख-शांति का वातावरण बनता है।
- विशेष रूप से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से मुक्ति के लिए सोम प्रदोष व्रत अत्यंत लाभकारी होता है।
सोम प्रदोष व्रत की पूजा विधि
- स्नान और संकल्प:
- 16 मार्च 2026 को प्रातःकाल सूर्योदय से पहले उठकर पवित्र स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
- भगवान शिव का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प लें।
- पूजा की तैयारी:
- पूजा स्थल को साफ करें और भगवान शिव की प्रतिमा या शिवलिंग स्थापित करें।
- फूल, बिल्वपत्र, धूप, दीप, फल, मिठाई और गंगा जल एकत्रित करें।
- प्रदोष काल में पूजा:
- सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में पूजा प्रारंभ करें।
- सबसे पहले गंगा जल या शुद्ध जल से शिवलिंग का अभिषेक करें।
- इसके बाद पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद और शक्कर) से अभिषेक करें।
- भगवान शिव को बिल्वपत्र, धतूरा, फूल, चंदन, धूप और दीप अर्पित करें।
- शिव चालीसा, महामृत्युंजय मंत्र और “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करें।
- भोग अर्पण:
- भगवान शिव को फल और मिष्ठान का भोग लगाएं।
- इसके बाद आरती करें और परिवार के साथ प्रसाद ग्रहण करें।
सोम प्रदोष व्रत में क्या करें और क्या न करें
क्या करें:
- ब्रह्ममुहूर्त में उठकर स्नान करें और शिवजी का ध्यान करें।
- पूरे दिन सात्विक आहार का पालन करें।
- प्रदोष काल में भगवान शिव की विधि-विधान से पूजा करें।
- जरूरतमंदों को दान करें और धार्मिक ग्रंथों का पाठ करें।
क्या न करें:
- व्रत के दिन तामसिक भोजन (प्याज, लहसुन, मांस, शराब) का सेवन न करें।
- क्रोध, द्वेष और झूठ बोलने से बचें।
- किसी का अपमान न करें और बुरे विचारों से दूर रहें।
- शाम के समय सोने से बचें।
सोम प्रदोष व्रत से मिलने वाले लाभ
- भगवान शिव की कृपा से जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं।
- स्वास्थ्य, धन और संतान सुख की प्राप्ति होती है।
- दांपत्य जीवन में प्रेम और सामंजस्य बढ़ता है।
- मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति मिलती है।
- मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त होता है।
16 मार्च 2026 को आने वाला सोम प्रदोष व्रत भगवान शिव की आराधना का एक उत्तम साधन है। इस दिन विधि-विधान से पूजा और व्रत करने से जीवन के सभी कष्ट समाप्त हो जाते हैं। यदि पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ यह व्रत किया जाए, तो भगवान शिव की अपार कृपा प्राप्त होती है।



