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VedicPrayersVedicPrayers Ancient Vedic Mantras and Rituals
  • 25 जून 2026
Shrimad Bhagavad Gita Chapter–3 Shloka–17 | श्रीमद् भगवद्गीता अध्याय–3 श्लोक–17 | PDF

अध्याय 3 – कर्म योग श्लोक 17 यस्त्वात्मरतिरेव स्यादात्मतृप्तश्च मानवः । आत्मन्येव च सन्तुष्टस्तस्य कार्यं न विद्यते ॥17॥ सरल हिंदी…

  • 24 जून 2026
Nirjala Ekadashi | निर्जला एकादशी व्रत के फायदे | मन, शरीर और आत्मा के लिए लाभ | PDF

Nirjala Ekadashi निर्जला एकादशी, ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को मनाई जाने वाली एक महत्वपूर्ण हिंदू व्रत…

  • 23 जून 2026
Shrimad Bhagavad Gita Chapter–3 Shalok–16 | श्रीमद् भगवद्गीता अध्याय तीन–श्लोक सोलह | PDF

अध्याय 3 – कर्म योग श्लोक 16 एवं प्रवर्तितं चक्रं नानुवर्तयतीह यः । अघायुरिन्द्रियारामो मोघं पार्थ स जीवति ॥16॥ सरल…

  • 22 जून 2026
Shrimad Bhagavad Gita Chapter–3 Shalok–15 | श्रीमद् भगवद्गीता अध्याय तीन–श्लोक पंद्रह | PDF

अध्याय 3 – कर्म योग श्लोक 15 कर्म ब्रह्मोद्भवं विद्धि ब्रह्माक्षरसमुद्भवम् । तस्मात्सर्वगतं ब्रह्म नित्यं यज्ञे प्रतिष्ठितम् ॥15॥ सरल हिंदी…

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धूमावती जयंती 2026
  • 20 जून 2026
Dhumavati Jayanti 2026: तिथि, पूजा विधि, महत्व, कथा और विवाहित महिलाओं से जुड़ी मान्यताएं | PDF

सनातन धर्म में दशमहाविद्याओं का विशेष महत्व माना गया है। इन्हीं दस महाविद्याओं में सातवां स्थान माता धूमावती को प्राप्त…

  • 19 जून 2026
Shrimad Bhagavad Gita Chapter–3 Shalok–14 | श्रीमद् भगवद्गीता अध्याय तीन–श्लोक चौदह | PDF

अध्याय 3 – कर्म योग श्लोक 14 अन्नाद्भवन्ति भूतानि पर्जन्यादन्नसम्भवः । यज्ञाद्भवति पर्जन्यो यज्ञः कर्मसमुद्भवः ॥14॥ सरल हिंदी में भावार्थ…

  • 18 जून 2026
Shrimad Bhagavad Gita Chapter–3 Shalok–13 | श्रीमद् भगवद्गीता अध्याय तीन–श्लोक तेरह | PDF

अध्याय 3 – कर्म योग श्लोक 13 यज्ञशिष्टाशिनः सन्तो मुच्यन्ते सर्वकिल्बिषैः । भुञ्जते ते त्वघं पापा ये पचन्त्यात्मकारणात् ॥13॥ सरल…

  • 17 जून 2026
Shrimad Bhagavad Gita Chapter–3 Shalok–12 | श्रीमद् भगवद्गीता अध्याय तीन–श्लोक बारह | PDF

अध्याय 3 – कर्म योग श्लोक 12 इष्टान्भोगान्हि वो देवा दास्यन्ते यज्ञभाविताः । तैर्दत्तानप्रदायैभ्यो यो भुङ्क्ते स्तेन एव सः ॥12॥…

  • 16 जून 2026
Shrimad Bhagavad Gita Chapter–3 Shalok–11 | श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय तीन–श्लोक ग्यारह | PDF

अध्याय 3 – कर्म योग श्लोक 11 देवान्भावयतानेन ते देवा भावयन्तु वः । परस्परं भावयन्तः श्रेयः परमवाप्स्यथ ॥11॥ सरल हिंदी…

  • 15 जून 2026
Mithun Sankranti 2026: तिथि, महत्व, पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और धार्मिक मान्यता | PDF

हिंदू धर्म में संक्रांति का विशेष महत्व माना जाता है। जब सूर्य देव एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश…

  • 13 जून 2026
Shrimad Bhagavad Gita Chapter–3 Shalok–10 | श्रीमद् भगवदगीता अध्याय तीन–श्लोक दस | PDF

अध्याय 3 – कर्म योग श्लोक 10 सहयज्ञाः प्रजाः सृष्ट्वा पुरोवाच प्रजापतिः । अनेन प्रसविष्यध्वमेष वोऽस्त्विष्टकामधुक् ॥10॥ सरल हिंदी में…

श्लोक 9
  • 12 जून 2026
Shrimad Bhagavad Gita Chapter–3 Shalok–9 | श्रीमद् भगवदगीता अध्याय तीन–श्लोक नौ | PDF

अध्याय 3 – कर्म योग श्लोक 9 यज्ञार्थात्कर्मणोऽन्यत्र लोकोऽयं कर्मबन्धनः । तदर्थं कर्म कौन्तेय मुक्तसङ्गः समाचर ॥9॥ सरल हिंदी में…

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जून 25, 2026

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