Chandra Darshan अमावस्या के अगले दिन प्रतिपदा तिथि के दिन चंद्रमा निकलता है और इसी दिन चंद्रमा का दर्शन किया…
आषाढ़ अमावस्या हिंदू धर्म की महत्वपूर्ण अमावस्याओं में से एक मानी जाती है। यह दिन विशेष रूप से पितृ तर्पण,…
रवि प्रदोष व्रत क्या है? रवि प्रदोष व्रत वह प्रदोष व्रत है जो रविवार के दिन आने वाली त्रयोदशी तिथि…
अध्याय 3 – कर्म योग श्लोक 26 न बुद्धिभेदं जनयेदज्ञानां कर्मसङ्गिनाम् । जोषयेत्सर्वकर्माणि विद्वान्युक्तः समाचरन् ॥26॥ सरल हिंदी में भावार्थ…
Yogini Ekadashi 2026 योगिनी एकादशी हिंदू पंचांग के अनुसार वर्ष में एक महत्वपूर्ण पर्व है जो भगवान विष्णु को समर्पित…
अध्याय 3 – कर्म योग श्लोक 25 सक्ताः कर्मण्यविद्वांसो यथा कुर्वन्ति भारत । कुर्याद्विद्वांस्तथासक्तश्चिकीर्षुर्लोकसंग्रहम् ॥25॥ सरल हिंदी में भावार्थ भगवान…
अध्याय 3 – कर्म योग श्लोक 24 उत्सीदेयुरिमे लोका न कुर्यां कर्म चेदहम् । सङ्करस्य च कर्ता स्यामुपहन्यामिमाः प्रजाः ॥24॥…
अध्याय 3 – कर्म योग श्लोक 23 यदि ह्यहं न वर्तेयं जातु कर्मण्यतन्द्रितः । मम वर्त्मानुवर्तन्ते मनुष्याः पार्थ सर्वशः ॥23॥…
अध्याय 3 – कर्म योग श्लोक 22 न मे पार्थास्ति कर्तव्यं त्रिषु लोकेषु किञ्चन । नानवाप्तमवाप्तव्यं वर्त एव च कर्मणि…
अध्याय 3 – कर्म योग श्लोक 21 यद्यदाचरति श्रेष्ठस्तत्तदेवेतरो जनः । स यत्प्रमाणं कुरुते लोकस्तदनुवर्तते ॥21॥ सरल हिंदी में भावार्थ…
संकष्टी चतुर्थी क्या है? संकष्टी चतुर्थी हिंदू धर्म का एक अत्यंत पावन व्रत है, जो प्रत्येक माह कृष्ण पक्ष की…
अध्याय 3 – कर्म योग श्लोक 20 कर्मणैव हि संसिद्धिमास्थिता जनकादयः । लोकसंग्रहमेवापि सम्पश्यन्कर्तुमर्हसि ॥20॥ सरल हिंदी में भावार्थ भगवान…
No posts found.
"*" आवश्यक फ़ील्ड इंगित करता है


