Press ESC to close

VedicPrayersVedicPrayers Ancient Vedic Mantras and Rituals
  • 16 जून 2026
Shrimad Bhagavad Gita Chapter–3 Shalok–11 | श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय तीन–श्लोक ग्यारह | PDF

अध्याय 3 – कर्म योग श्लोक 11 देवान्भावयतानेन ते देवा भावयन्तु वः । परस्परं भावयन्तः श्रेयः परमवाप्स्यथ ॥11॥ सरल हिंदी…

  • 15 जून 2026
Mithun Sankranti 2026: तिथि, महत्व, पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और धार्मिक मान्यता | PDF

हिंदू धर्म में संक्रांति का विशेष महत्व माना जाता है। जब सूर्य देव एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश…

  • 13 जून 2026
Shrimad Bhagavad Gita Chapter–3 Shalok–10 | श्रीमद् भगवदगीता अध्याय तीन–श्लोक दस | PDF

अध्याय 3 – कर्म योग श्लोक 10 सहयज्ञाः प्रजाः सृष्ट्वा पुरोवाच प्रजापतिः । अनेन प्रसविष्यध्वमेष वोऽस्त्विष्टकामधुक् ॥10॥ सरल हिंदी में…

श्लोक 9
  • 12 जून 2026
Shrimad Bhagavad Gita Chapter–3 Shalok–9 | श्रीमद् भगवदगीता अध्याय तीन–श्लोक नौ | PDF

अध्याय 3 – कर्म योग श्लोक 9 यज्ञार्थात्कर्मणोऽन्यत्र लोकोऽयं कर्मबन्धनः । तदर्थं कर्म कौन्तेय मुक्तसङ्गः समाचर ॥9॥ सरल हिंदी में…

  • 11 जून 2026
Shrimad Bhagavad Gita Chapter–3 Shalok–8 | श्रीमद् भगवदगीता अध्याय तीन–श्लोक आठ | PDF

अध्याय 3 – कर्म योग श्लोक 8 नियतं कुरु कर्म त्वं कर्म ज्यायो ह्यकर्मणः । शरीरयात्रापि च ते न प्रसिद्ध्येदकर्मणः…

  • 10 जून 2026
Parama Ekadashi 2026 : तिथि, पूजा विधि, व्रत कथा, महत्व और शुभ मुहूर्त | PDF

सनातन धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व माना गया है, लेकिन परमा एकादशी को सभी एकादशियों में अत्यंत पुण्यदायी…

  • 09 जून 2026
Shrimad Bhagavad Gita Chapter–3 Shalok–7 | श्रीमद् भगवदगीता अध्याय तीन–श्लोक सात | PDF

अध्याय 3 – कर्म योग श्लोक 7 यस्त्विन्द्रियाणि मनसा नियम्यारभतेऽर्जुन । कर्मेन्द्रियैः कर्मयोगमसक्तः स विशिष्यते ॥7॥ सरल हिंदी में भावार्थ…

  • 08 जून 2026
Shrimad Bhagavad Gita Chapter–3 Shalok–6 | श्रीमद् भगवदगीता अध्याय तीन–श्लोक छह | PDF

अध्याय 3 – कर्म योग श्लोक 6 कर्मेन्द्रियाणि संयम्य य आस्ते मनसा स्मरन् । इन्द्रियार्थान्विमूढात्मा मिथ्याचारः स उच्यते ॥6॥ सरल…

  • 06 जून 2026
Shrimad Bhagavad Gita Chapter–3 Shalok–5| श्रीमद् भगवदगीता अध्याय तीन–श्लोक पाँच |PDF

अध्याय 3 – कर्म योग श्लोक 5 न हि कश्चित्क्षणमपि जातु तिष्ठत्यकर्मकृत् । कार्यते ह्यवशः कर्म सर्वः प्रकृतिजैर्गुणैः ॥5॥ सरल…

  • 05 जून 2026
Shrimad Bhagavad Gita Chapter–3 Shalok–4 | श्रीमद् भगवदगीता अध्याय तीन–श्लोक चार | PDF

अध्याय 3 – कर्म योग श्लोक 4 न कर्मणामनारम्भान्नैष्कर्म्यं पुरुषोऽश्नुते । न च संन्यसनादेव सिद्धिं समधिगच्छति ॥4॥ सरल हिंदी में…

  • 04 जून 2026
Shrimad Bhagavad Gita Chapter–3 Shalok–3 | श्रीमद् भगवदगीता अध्याय तीन–श्लोक तीन | PDF

अध्याय 3 – कर्म योग श्लोक 3 श्रीभगवानुवाच । लोकेऽस्मिन्द्विविधा निष्ठा पुरा प्रोक्ता मयानघ । ज्ञानयोगेन सांख्यानां कर्मयोगेन योगिनाम् ॥3॥…

  • 03 जून 2026
Shrimad Bhagavad Gita Chapter–3 Shalok–2 | श्रीमद् भगवदगीता अध्याय तीन–श्लोक दो | PDF

अध्याय 3 – कर्म योग श्लोक 2 व्यामिश्रेणेव वाक्येन बुद्धिं मोहयसीव मे । तदेकं वद निश्चित्य येन श्रेयोऽहमाप्नुयाम् ॥2॥ सरल…

आज का कार्यक्रम

सितम्बर 5, 2026

Popular Posts

गीता ज्ञान

Special Events for the Week

नवरत्न (Gemstone)

No posts found.

Stay Connected with Faith & Scriptures

"*" आवश्यक फ़ील्ड इंगित करता है

यह फ़ील्ड सत्यापन उद्देश्यों के लिए है और इसे अपरिवर्तित छोड़ दिया जाना चाहिए।
declaration*